ढाई महीने बाद मस्जिदों में पहली नमाज-ए-जुमा पूरे एहतियाती उपायों के साथ अदा की गई

सऊदी अरब में कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगभग ढाई महीने के प्रतिबंध के बाद मस्जिदों में पहली जुमा की नमाज़ पूरे एहतियाती उपायों के साथ अदा की गई।
मदीना गवर्नरेट द्वारा ट्विटर पर जारी खबर के अनुसार मस्जिद-ए-नबवी अल-शरीफ में जुमा की नमाज के लिए प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं मिसली थीं।



मस्जिद-ए-नबवी अल-शरीफ में नमाज़ियों ने सामाजिक दूरी के सिद्धांतों का पूरी तरह से पालन किया। मस्जिद अल-नबवी अल-शरीफ के बाहरी आँगन भी नमाज़ियों से भरे हुये थे।
अजिल वेब समाचार के अनुसार एक लाख से अधिक लोगों ने मस्जिद-ए-नबवी अल-शरीफ में शुक्रवार की नमाज अदा की। मस्जिद के भीतरी और बाहरी आँगन नमाज़ियों से भरे थे, जबकि सामाजिक दूरी के सिद्धांत का सख्ती से पालन किया गया।
इस्लामिक मामलों के मंत्रालय की तरफ से छोटी मस्जिदों में जहां शुक्रवार की नमाज सामान्य दिनों में अदा नहीं की जाती है शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए अस्थायी आदेश जारी किए गए थे । इस संबंध में देश के सभी शहरों में लगभग 4,000 मस्जिदों में शुक्रवार की नमाज अदा करने की व्यवस्था की गई थी।
स्वास्थ्य मामलों के संस्थान के दिशानिर्देशों के बाद विभिन्न शहरों में लोगों ने मस्जिदों में शुक्रवार की नमाज अदा की। मस्जिदों के वज़ू खाने बंद रहे, जबकि प्रत्येक व्यक्ति ने निर्देशों का पालन किया और अपने साथ जानमाज़ लेकर आए, और मास्क का पालन भी करते देखा गया।
मस्जिदों के प्रबंधन द्वारा पंक्तियों के बीच की दूरी के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए निर्देशों के अनुसार मध्य पंक्ति को समाप्त करने के अलावा नमाज़ियों के बीच डेढ़ मीटर की दूरी बनाए रखी गई । प्रशासन द्वारा चिन्हित लाइनें स्थापित की गई थीं ताकि नमाज़ी इन संकेतों का पालन कर सकें।

जेद्दा गवर्नरेट ने कहा कि शुक्रवार की नमाज़ शहर की सभी मस्जिदों में नियमानुसार अदा की गई। अधिकांश मस्जिदों के प्रबंधन ने आने वाले नमाज़ियों के शरीर के तापमान नोट करने की भी व्यवस्था की थी। छोटी मस्जिदों में जुमा की नमाज़ की अनुमति देने से लोगों को बहुत राहत मिली, जिसके कारण जामा मस्जिदों में भीड़भाड़ का सामना नहीं करना पड़ा।
इस्लामिक मामलों के मंत्रालय द्वारा इमामों को विशेष निर्देश दिए गए थे कि शुक्रवार की नमाज़ के लिए खुतबा और नमाज़ का समय 15 मिनट से अधिक न हो, जिसका इमामों ने पालन किया और शुक्रवार के खुतबे और नमाज़ को 15 मिनट के भीतर पूरा किया।


इस्लामिक मामलों के मंत्रालय के निर्देश पर कोरोना महामारी और इसकी रोकथाम के बारे में  जुमा का खुतबा दिया गया। जिस में इमामों ने लोगों से कहा कि बाहर जाते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करें सामाजिक दोरी और एहतियाती उपायों का पालन करें।
खुतबे में आगे कहा गया है कि बुजुर्गों को निर्देशों का पालन करते हुए मस्जिदों में नहीं आना चाहिए, बल्कि बुजुर्गों को घरों में नमाज़ अदा करनी चाहिए। कियोंकि बुजुर्गों और बीमार इस वायरस से जल्द संक्रमित होते हैं।

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