मस्जिदों में आने वाले अपना जानमाज़ साथ लाएँ, वज़ू भी घर से कर के आयें

इस्लामिक मामलों के मंत्री डॉ। अब्दुल लतीफ आल-शेख ने कहा है कि मस्जिदों में जमात से नमाज़ अदा करने के लिए व्यवस्था पूरी कर ली गई है, बुजुर्ग  और 15 साल से कम उम्र के  बच्चे मस्जिदों में न आयें।
इस्लामिक मामलों के मंत्री ने आगे कहा कि मस्जिद आते समय अपने साथ जानमाज़ लेकर आयें, मस्जिदों में प्रवेश करते समय और नमाज़ अदा करने के बाद दरवाजों पर भीड़ न लगने दें।

स्थानीय वेब समाचार 'अखबार 24' के अनुसार, आल-शेख ने बताया कि इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने नमाज़ियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए कई सुरक्षा नियम बनाए हैं, जिनका पालन सभी को करना ज़रूरी है ताकि महामारी से बचा जा सके।
नमाज़ी एक दूसरे से दो मीटर की दूरी पर खड़े हों - दो पंक्तियों के बीच एक पंक्ति को खाली छोड़ दें। सभी एयर कंडीशन और मस्जिद के कूलर को बंद रखा जाए, मस्जिदों में पानी न बांटे जाएँ।
वशरूम और वज़ू करने की जगह बंद रखे जाएँ। सभी नमाज़ी सुरक्षात्मक मास्क का उपयोग करें।
सबक़ वेबसाइट के अनुसार इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने 90,000 से अधिक मस्जिदों में नमाज़ की व्यवस्था पूरी करली है।
31 मई रविवार से सऊदी अरब में सभी मस्जिदें जुमा और जमात की नमाज के लिए खोलदी जाएंगी।
इस्लामी मामलों के मंत्रालय ने इमामों, मुअज़्ज़िनों और नमाज़ियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में जागरूकता पोस्टर भी लगाए हैं। रेडियो, टीवी चैनलों, समाचार पत्रों और ऑनलाइन समाचार चैनलों पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने 1 करोड़ से अधिक मस्जिदों के कालीन, पवित्र कुरान की 43 मिलियन (4 करोड़ 3 लाख)से अधिक नुसख़े, 6 लाख अधिक पवित्र कुरान और किताबों की अलमारियों और रेहलों को सेनीटाइज़ करदीय है, जबकि  176,000 से अधिक वशरूम और वज़ू करने की जगह को भी सेनीटाइज़ किया गया है, मस्जिदों में सैनिटाइज़र प्रदान किए गए हैं।

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