नए नियम: मस्जिदें अज़ान से 15 मिनट पहले खुलेंगी

सऊदी अरब में कोरोना वायरस के कारण लगाए गए  प्रतिबंधों में ढील देने के बाद इस्लामिक मामलों के मंत्री अब्दुल लतीफ आल-शेख ने मस्जिदों में जुमा और जमात की नमाजें पढ़ने के लिए नए नियम की घोषणा करते हुये कहा कि जुमा कि नमाज़ और खुतबा 15 मिनट का होगा।

इस्लामिक मामलों के मंत्री ने मस्जिदों में फर्ज़ नमाज जमात से अदा करने के लिए 9 और जुमा कि नमाज़ के लिए 4 शर्तें लगाई हैं।
वेब समाचार 'सबक' ने इस्लामिक मामलों के मंत्री द्वारा जारी किए गए नियमों के हवाले से कहा है कि अगले हफ्ते से कर्फ्यू और लॉकडाउन में ढील से स्थिति सामान्य हो जाएगी।
इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि देश में सभी मस्जिदों अज़ान से 15 मिनट पहले खोली जाएँ और नमाज़ के 10 मिनट बाद बंद करदी जाएँ। 
सभी मस्जिदों में नमाज़ के समय खिड़कियां और दरवाजे खुले रखे जाएँ, और पवित्र कुरान और किताबों को अस्थायी रूप से मस्जिदों से हटा दिया जाए।
मस्जिदों की सफ़ों में प्रत्येक नमाज़ी के बीच कम से कम 2 मीटर की दूरी बनाए रखी जाए।
एक सफ़ से दूसरी सफ़ के बीच की दूरी एक सफ़ के बराबर रखा जाए (यानी अगर किसी मस्जिद में 6 सफ़ हैं तो वहाँ 3 सफे बनाएँ)।
मस्जिदों में पीने के सभी वाटर कूलर और डिस्पेंसर बंद कर दिये जाएँ।
मस्जिदों में किसी भी परकार कि खाने पीने कि चीज़ें न दी जाएँ, इसके अलावा इत्र और मिसवाक भी न रखी जाए।
मस्जिदों के वज़ू करने कि जगह बंद राहेंगी। नमाज़ी घरों से वज़ू करके मस्जिद आएंगे।
जुमा की नमाज़ के बारे में इस्लामी मामलों के मंत्री ने कहा कि जुमा की नमाज़ को सभी क्षेत्रों की छोटी मस्जिदों में अस्थायी रूप से अदा किया जाए। ताकि क्षेत्र के लोग अपनी मस्जिदों में नमाज़ अदा कर सकें।
जुमा की पहली अज़ान नमाज़ के समय से 20 मिनट पहले दी जाए, मस्जिदों को जुमा की नमाज़ से 20 मिनट पहले खोला जाए और नमाज़ के 20 मिनट बाद बंद कर दीया जाए।
जुमा का खुतबा और नमाज़ दोनों 15 मिनट से अधिक न हो।
मस्जिदों में तालीम का सिलसिला बंद रखा जाए।
अल अरबिया नेट के अनुसार नए कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश भर में 98,000 से अधिक मस्जिदें 70 दिनों तक बंद रहीं। बंद करने का निर्णय सऊदी उलेमा बोर्ड के निर्देश पर लिया गया था।
बोर्ड ने मस्जिदों  में जुमा और जमात से नमाज़ पर प्रतिबंध लगा दिया था और फर्ज़ नमाजों के लिए केवल अज़ान देने कि अनुमति दी गई थी इस प्रतिबंध से मस्जिद अल-हराम और मस्जिद अल-नबवी को अलग रखा गया था।
रविवार 31 मई से शनिवार 20 जून तक देश की सभी मस्जिदों में जुमा और फर्ज़ नमाज अदा करने की अनुमति दी गई है । लेकिन मक्का को इस से अलग रखा गया है।

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