VAT 5% के बजाय 15% , महंगाई भत्ता भी निलंबित - सऊदी अरबिया

सऊदी वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदआन ने कोरोना वायरस के आर्थिक प्रभावों से निपटने के लिए नए उपायों की घोषणा की है।


नए उपायों के तहत सऊदी विजन 2030 के प्रमुख परियोजनाओं के लिए बजट में कटौती करदी गई है, जबकि 1 जून से महंगाई भत्ते को निलंबित करने और मूल्य वर्धित कर (वैट) को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का फैसला लिया गया है।

सऊदी समाचार एजेंसी एसपीए के अनुसार रविवार और सोमवार रात के बीच जारी बयान में वित्त मंत्री ने कहा कि सभी सरकारी कर्मचारी, मंत्रालय, विभाग और निगम, प्राधिकरण, केंद्र और सरकारी परियोजनाओं पर काम करने वाले सभी लोग जो सिविल सेवा कानून के तहेत नहीं आते को दी जाने वाली वित्तीय सुविधाओं की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया गया है।
वित्त मंत्री के अनुसार समिति को 30 दिनों के भीतर सिफारिशें देने के लिए कहा गया है।
मुहम्मद अल-जदआन ने कहा कि देश वैश्विक महामारी कोरोना के एक गंभीर संकट से गुजर रहा है जिसका कोई उदाहरण नहीं मिलता।
उनके अनुसार देश की अर्थव्यवस्था को संकट से बचाने और न्यूनतम घाटे के साथ वित्तीय और आर्थिक प्रभाव से बाहर निकालने के लिए कुछ कदम आवश्यक हो गए हैं।
वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नए आर्थिक उपाय चिकित्सा, सामाजिक और आर्थिक प्रतिकूल प्रभावों को दूर करने के लिए पहले से किए जाने वाले उपायों की निरंतरता है।
सरकार संकट को रोकने के लिए स्थानीय नागरिकों, प्रवासियों और अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए एहतियाती उपाय करना जारी रखेगी।
मोहम्मद अल-जदआन ने कहा कि महामारी के प्रकोप से होने वाले वैश्विक संकट ने सऊदी अर्थव्यवस्था को तीन झटके दिए हैं। इनमें से प्रत्येक सरकारी खजाने के प्रदर्शन और स्थिरता पर जबरदस्त प्रभाव डालने के लिए काफी हैं। इसलिए अर्थव्यवस्था को इन झटकों से बचाने के लिए कदम उठाना जरूरी हो गया है।
वित्त मंत्री के अनुसार कोरोना संकट ने तेल की मांग को काफी कम कर दिया है, जिसने तेल की कीमतों को प्रभावित किया है और तेल राजस्व में भारी कमी आई है, जिस पर राष्ट्रीय बजट निर्भर करता है।
संकट के कारण सरकार को सऊदी नागरिकों और विदेशियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतनी पड़ी है। इस संबंध में कई उपाय किए गए। 
मोहम्मद अल-जदआन ने कहा कि कोरोना संकट ने सरकारी बजट को आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए खर्च बढ़ाने के लिए मजबूर किया जो बजट में शामिल नहीं थे और योजनाबद्ध नहीं थे।
सरकार ने स्वास्थ्य, सेवाओं, उपचार और कोरोना की रोकथाम में सुधार के लिए अतिरिक्त बजट दिया है, साथ ही सऊदी नागरिकों के लिए नौकरियों को बचाने महामारी के प्रभावों को कम करने और अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए राहत राशि को मंजूरी दी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इन सभी चुनौतियों का समग्र परिणाम सरकारी राजस्व में कमी और राष्ट्रीय बजट पर दबाव था। "स्थिति यह मांग करती है कि खर्च को यथासंभव कम किया जाए और गैर-तेल राजस्व में सुधार के लिए कदम उठाए जाएं।"
उन्होंने कहा, "सभी वित्तीय और आर्थिक परिवर्तनों के लिए और उनसे निपटने के लिए विशेष उपाय प्रस्तावित किए गए हैं, जिसके आधार पर शीर्ष नेतृत्व ने ऐसे उपाय करने के निर्देश जारी किए हैं जो इन समस्याओं से निपटने के लिए अधिक उपयुक्त हों और जिनका नुकसान सीमित हो और मामूली प्रभाव डालें।
वित्त मंत्री ने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों के ख़र्च को कम करके और सऊदी वीजन के विभिन्न प्रोग्रामों और चालू वित्त वर्ष की प्रमुख परियोजनाओं में कमी कर के 100 अरब रियाल हासिल किए गए हैं।

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