ईरान में कोहराम: 100+ सुरक्षाकर्मी ढेर, ट्रंप की हमले की धमकी के बाद ईरान का पलटवार

ईरान में कोहराम: 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की मौत, ट्रंप की सैन्य हमले की धमकी से बढ़ा तनाव

स्थान: तेहरान | प्रसारित: Asbaq News Desk

तेहरान: ईरान में आर्थिक संकट और बेतहाशा बढ़ती महंगाई के खिलाफ भड़का जनता का गुस्सा अब हिंसक संघर्ष में बदल गया है। सरकारी मीडिया और सुरक्षा एजेंसियों के हवाले से खबर है कि देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों और झड़पों में अब तक 100 से अधिक सुरक्षा अधिकारियों की जान जा चुकी है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य हस्तक्षेप की धमकी ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।

सुरक्षा बलों को भारी नुकसान

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान अब तक कुल 109 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। सरकारी टीवी ने पुष्टि की है कि अकेले इस्फहान प्रांत में 30 और केरमानशाह में 6 पुलिसकर्मियों की मौत हुई है। अधिकारियों का दावा है कि कुछ प्रदर्शनकारी हिंसक गतिविधियों में शामिल हैं और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि "ईरान आजादी की ओर देख रहा है और अमेरिका मदद के लिए तैयार है।" उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं रुकी, तो अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर "सर्जिकल स्ट्राइक" या सैन्य हमला कर सकता है।

ईरान का पलटवार: "अमेरिकी ठिकाने निशाने पर होंगे"

ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने रविवार को संसद में गरजते हुए कहा कि अमेरिका किसी भी गलतफहमी में न रहे। उन्होंने चेतावनी दी:

"यदि ईरान पर हमला हुआ, तो इस क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य अड्डे, उनके युद्धपोत और इजरायल (अधिकृत क्षेत्र) हमारे वैध सैन्य लक्ष्य होंगे। हम अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानते हैं।"

मानवाधिकार और इंटरनेट पर पाबंदी

जहाँ एक तरफ सरकार मौतों का आंकड़ा दे रही है, वहीं मानवाधिकार संगठन 'ईरान हीुम राइट्स' (IHR) ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों की फायरिंग में कम से कम 51 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशासन ने पूरे देश में इंटरनेट पर पूर्ण पाबंदी (Blackout) लगा दी है, जो पिछले 60 घंटों से जारी है।

प्रदर्शन की असल वजह

ईरान में यह उबाल बेतहाशा महंगाई, खाद्य पदार्थों की कमी और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण चरमराई अर्थव्यवस्था की वजह से है। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इन प्रदर्शनों को विदेशी साजिश और "दंगा" करार देते हुए जनता से उपद्रवियों से दूर रहने की अपील की है।

स्रोत: समाचार एजेंसी (Al Jazeera/News Desk)

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