फेसबुक ट्रेंडिंग सेक्शन बहुत जल्द बंद करने वाला है


फेसबुक हरगिज़ नहीं चाहता कि वह मीडिया कंपनी कहलाये। सोशल नेटवर्क ने अब घोषणा की है कि वह अगले हफ्ते अपने विवादास्पद 'टेंडिंग' सेक्शन को खत्म कर रहा है ताकि भविष्य के तजर्बात के लिए जगह बनाए हैं। इन "अनुभवों" में समाचार की विडियो के लिए अपने विडियो हब "फेसबुक वाच" पर एक विशिष्ट हिस्सा, एक ब्रेकिंग न्यूज़ लेबल जिसका पब्लीषर अपनी पोस्ट में उपयोग करसकते हैं और एक विशेष सेक्शन होगा जिसमें "Today In" शामिल है, जो लोगों को उनके शहर के स्थानीय पब्लीषर की ख़बरोंऔर जानकारी के माध्यम से जोड़ देगा।

फेसबुक हरगिज़ नहीं चाहता कि वह मीडिया कंपनी कहलाये। सोशल नेटवर्क ने अब घोषणा की है कि वह अगले हफ्ते अपने विवादास्पद 'टेंडिंग' सेक्शन को खत्म कर रहा है ताकि भविष्य के तजर्बात के लिए जगह बनाए हैं। इन "अनुभवों" में समाचार की विडियो के लिए अपने विडियो हब "फेसबुक वाच" पर एक विशिष्ट हिस्सा, एक ब्रेकिंग न्यूज़ लेबल जिसका पब्लीषर अपनी पोस्ट में उपयोग करसकते हैं और एक विशेष सेक्शन होगा जिसमें "Today In" शामिल है, जो लोगों को उनके शहर के स्थानीय पब्लीषर की ख़बरोंऔर जानकारी के माध्यम से जोड़ देगा।
80 नए पब्लीषर इस वक़्त "ब्रेकिंग न्यूज़" लेबल का उपयोग कर रहे हैं जो उपयोगकर्ताओं को अपने इंस्टेंट आर्टिकल, मोबाइल और वेब लिंक और फेसबुक लाइव वीडियो को ब्रेकिंग न्यूज़ के रूप में पेश करने की अनुमति देता है।

फेसबुक का कहना है कि शुरुआती नतीजों ने क्लिक वृद्धि दर 4%, लाइक में 7% और शेयरों में 11% की वृद्धि देखी है। यह प्रोडक्ट अब भी "अल्फा" टेस्टिंग में है जो दिखाता है कि यह सुविधा का पहला परीक्षण है, जिसके बाद यह बीटा में जायेगा और फिर सार्वजनिक लॉन्च होगा।
हालांकि, 33 अमेरिकी शहरों में "Today In" की सुविधा का परीक्षण किया जा रहा है। फेसबुक का कहना है कि इस सेक्शन में पब्लीषर को क्लिक में औसत 8% सुधार मिला है।
कंपनी ने अपने समाचार के विडियो हब के बारे में कोई समय नहीं दिया है कि वह कब लाइव होगा। बल्कि यह कहा है की जल्द यह अमेरिका के 10 से 12 पब्लीषर आजमाएंगे जिस में मुख्य फोकस घटनाओं की लाइव कवरेज दैनिक और साप्ताहिक कार्यक्रमों पर होगी।
यह परिवर्तन एक ऐसे अवसर पर आ रहा है जब फेसबुक झूठी खबर फैलाने पर गंभीर आलोचना का सामना कर रहा है। इतना ही नहीं, बल्कि  "ट्रेंडिंग" का हिस्सा तो शुरू से ही फेसबुक के लिए एक अज़ाब बना रहा है। विशेष रूप से नकली ख़बरें तो यहां से ख़ूब फैलीं। हालांकि फेसबुक ने नकली खबरों के मुद्दे पर काफी हद तक काबु पा लिया है, लेकिन अब यह कहना है कि फेसबुक एक "मीडिया कंपनी" नहीं बल्कि एक टेक्नालोजी कंपनी है, संस्थान की बड़ी हार है।

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